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राजामौली का विज़न: क्यों ‘मंदाकिनी’ एक किरदार नहीं

On: November 17, 2025 9:25 AM
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🔥 क्यों हो रही है ‘मंदाकिनी’ की इतनी चर्चा?

जब से एसएस राजामौली ने अपनी अगली मैग्नम ओपस ‘ग्लोबट्रॉटर’ की घोषणा की है, तभी से फैंस की सांसें अटकी हुई थीं। लेकिन कल (12 नवंबर 2025) जो हुआ, उसने उम्मीदों को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया। राजामौली ने फिल्म से प्रियंका चोपड़ा का फर्स्ट लुक जारी किया, और उनके किरदार का नाम है – मंदाकिनी

यह सिर्फ एक पोस्टर नहीं है; यह भारतीय सिनेमा के एक नए अध्याय की पहली झलक है। यह लेख आपको बताएगा कि यह लुक इतना खास क्यों है और क्यों लगता है कि यह किरदार फिल्म की आत्मा हो सकता है।

🎬 फर्स्ट लुक का विश्लेषण: जो आँखों ने देखा

पोस्टर को देखकर ऐसा लगता है मानो आपने फिल्म का सबसे रोमांचक सीन देख लिया हो।

  • ट्रेडिशन और एक्शन का संगम: प्रियंका चोपड़ा (मंदाकिनी) एक चटकदार पीली साड़ी पहने हुए हैं। भारतीय सिनेमा में साड़ी को अक्सर सौम्यता या रोमांस से जोड़ा जाता है, लेकिन राजामौली इसे तोड़ते हैं।
  • खतरनाक एक्शन: मंदाकिनी एक खतरनाक चट्टान के किनारे पर खड़ी हैं। उनके हाथ में एक बंदूक है, जिसे वह पूरे आत्मविश्वास से चला रही हैं। उनका संतुलन, चेहरे पर दृढ़ता और उड़ते हुए अंगारे… यह सब एक हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस की गवाही दे रहा है।
  • देसी गर्ल का ग्लोबल अवतार: यह लुक प्रियंका के ‘देसी गर्ल’ टैग को भी सार्थक करता है और उनके ग्लोबल एक्शन स्टार (जैसे ‘सिटाडेल’) के अवतार को भी। ‘मंदाकिनी’ इन दोनों दुनियाओं का परफेक्ट मिश्रण लगती है।

🤔 ‘मंदाकिनी’ का मतलब क्या है?

राजामौली अपनी फिल्मों के नाम और किरदार बहुत सोच-समझकर चुनते हैं। ‘मंदाकिनी’ गंगा नदी का एक प्राचीन नाम है—जो पवित्र, शक्तिशाली और कभी-कभी विनाशकारी भी हो सकती है।

पोस्टर देखकर यह साफ है कि प्रियंका का किरदार सिर्फ महेश बाबू की प्रेमिका या एक सहायक भूमिका नहीं है। वह फिल्म की एक प्रमुख शक्ति (Force) हैं। राजामौली ने खुद प्रियंका का स्वागत करते हुए लिखा कि वह “दुनिया को मंदाकिनी के अनगिनत शेड्स दिखाने का इंतजार नहीं कर सकते।” यह ‘शेड्स’ शब्द ही कहानी की गहराई बयां करता है।

🚀 राजामौली के यूनिवर्स में एक और ‘देवसेना’

एसएस राजामौली की फिल्मों की खासियत उनके मजबूत महिला किरदार रहे हैं। चाहे वह ‘बाहुबली’ की शिवगामी हो या देवसेना। ये वे महिलाएं हैं जो सिर्फ हीरो के पीछे नहीं खड़ी होतीं, बल्कि कहानी को आगे बढ़ाती हैं।

‘मंदाकिनी’ उसी लीग में अगला नाम होने का वादा करती है। साड़ी में एक्शन करती एक महिला, जो शायद अपने स्वाभिमान या किसी मिशन के लिए लड़ रही है, यह राजामौली के भव्य विजन का ही हिस्सा हो सकता है। यह किरदार भारतीय सिनेमा में महिला एक्शन किरदारों को फिर से परिभाषित कर सकता है।

🌟 निष्कर्ष: यह सिर्फ शुरुआत है

‘ग्लोबट्रॉटर’ में प्रियंका चोपड़ा की ‘मंदाकिनी’ के रूप में वापसी सिर्फ एक कमबैक नहीं है; यह एक स्टेटमेंट है। यह ग्लोबल स्टार पावर, मैग्नम ओपस डायरेक्शन और पैन-इंडिया अपील का एक ऐसा मिश्रण है जो बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता रखता है।

फैंस का रिएक्शन (“क्वीन इज बैक”, “प्योर फायर”) और खुद राजामौली और महेश बाबू का उत्साह यह बताता है कि ‘मंदाकिनी’ फिल्म का छुपा हुआ इक्का है। यह किरदार सिर्फ पोस्टर पर ही इतना दमदार लग रहा है; जब यह पर्दे पर आएगा, तो यह तूफान लाएगा। ‘ग्लोबट्रॉटर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं होगी, यह ‘मंदाकिनी’ की कहानी भी होगी।

D.K DAS

Senior Analysis Editor
D.K. Das स्पोर्ट्स, टेक्नोलॉजी और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के गहन विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं. उनका लेखन हमेशा तथ्यात्मक (factual) होता है, जिसमें वह सामान्य ख़बरों के पीछे की रणनीति और 'Inside Story' को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाते हैं. 5 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दास, जटिल राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं।

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