सुबह बाजार खुलते ही माहौल में कुछ खास बदलाव था। कई ट्रेडिंग ऐप्स पर एक ही नाम सजीव रूप से उभर रहा था — Physics Wallah। निवेशक अपने मोबाइल फोन के साथ खड़े हुए थे, जानने की कोशिश कर रहे थे कि इसका शेयर प्राइस कितने से खुलेगा, लिस्टिंग कब होगी, क्या यह NSE पर आएगा, और क्या सच में IPO की घोषणा होने वाली है। एक कोचिंग शिक्षक से शुरू हुई यह कहानी अब उस स्तर पर पहुँच चुकी है जहाँ लाखों लोग इसके निवेश से उम्मीद लगाए बैठे हैं।
नोएडा और अन्य शहरों में PW के बाहर छात्रों और निवेशकों की छोटी-छोटी भीड़ नजर आई। कुछ लोग अपने फोन पर ताजा जानकारी ले रहे थे, जबकि कुछ स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे थे। “देखो, अगर PW का IPO आया तो मैं जरूर निवेश करूंगा,” एक युवक ने अपने मित्र से कहा। इसकी भावना यह दर्शा रही थी कि Physics Wallah उनके लिए केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि उनके छात्र जीवन की यादें हैं, जो भरोसे का प्रतीक है। फिर भी, यह ध्यान देने योग्य है कि PW का कोई शेयर न तो NSE पर ट्रेड हो रहा है, और न ही BSE पर। इसके बावजूद इंटरनेट पर ऐसा माहौल बना हुआ था जैसे आज ही कंपनी की लिस्टिंग होने जा रही हो।
गूगल पर “Physics Wallah share price today”, “PW NSE listing”, “PW BSE listing date”, “PW IPO price” जैसे सर्च के आंकड़े आसमान छू रहे थे, जबकि वास्तविकता यह थी कि कंपनी अभी भी पूरी तरह निजी है और इसका कोई दैनिक शेयर दाम नहीं है। फिर भी, चर्चा और अफवाहों का कारण साफ है — PW की तेज़ वृद्धि, एडटेक क्षेत्र में इसकी मजबूत स्थिति और अलख पांडे की कहानी, जिसने PW को भावनात्मक रूप से एक ब्रांड बना दिया।

बाजार में यह भी चर्चा थी कि IPO का प्राइस बैंड ₹103–₹109 के बीच हो सकता है और लिस्टिंग की तारीख 18 नवंबर है। कुछ वेबसाइटें पहले ही झूठी “आज का शेयर प्राइस” दिखाने लगीं, जिससे भ्रम बढ़ा। लेकिन कंपनी के अंदरूनी लोगों के अनुसार PW अभी IPO की तैयारी में कोई जल्दबाजी नहीं कर रहा है। “जब सारे जरूरी कदम उठाए जाएंगे, तभी हम प्रक्रिया शुरू करेंगे,” PW की टीम ने यही कहा।
निवेशकों के बीच दो प्रकार की राय उभरकर सामने आई हैं। कुछ का मानना है कि PW की स्थिति इतनी मजबूत है कि अगर IPO आया, तो यह रिकॉर्ड तोड़ सकता है। गाज़ियाबाद के एक रिटेल निवेशक ने बताया, “मैंने अपनी बहन को PW से NEET की तैयारी करवाई थी। इसलिए अगर IPO आएगा, तो भावनात्मक जुड़ाव के कारण मैं इसमें निवेश करूंगा।” वहीं, मार्केट विश्लेषक मानते हैं कि PW की लोकप्रियता बहुत है, लेकिन एडटेक क्षेत्र अस्थिर भी है। कई खिलाड़ी फेल हो चुके हैं, कुछ संघर्ष में हैं। PW ने खुद को इस बीच स्थिर रखा है, लेकिन तेजी से विस्तार करने का अर्थ उच्च खर्च भी है। इस परिप्रेक्ष्य में, निवेशकों को केवल भावना नहीं, बल्कि तर्क भी महत्वपूर्ण हैं।
शहरों के ट्रेडिंग हब्स, कैफे और कोचिंग गलियों में PW का नाम बार-बार सुनाई दे रहा था। कुछ छात्रों ने कहा कि “अगर PW लिस्टिंग हो गई, तो हम उसी के शेयर खरीदेंगे जिसने हमारी पढ़ाई को प्रभावित किया।” यह भावनात्मक संबंध सामान्य बाजार के नियमों से भिन्न है। इसी कारण से इसे “भारत का सबसे भावनात्मक IPO” कहा जा रहा है।
शाम तक बाजार अपने दैनिक रूटीन में वापसी कर गया, लेकिन PW के बारे में चर्चाएं समाप्त नहीं हुईं। अफवाहें अभी भी हवा में तैर रही थीं — कुछ लोग कह रहे थे कि शेयर प्राइस ₹150 से ऊपर खुलेगा, जबकि अन्य दावा कर रहे थे कि एंकर निवेशक पहले ही बाहर हो चुके हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि कंपनी ने IPO की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं की है, न DRHP फाइल किया है, न SEBI से मंजूरी मिली है। लोगों की उम्मीदें तेज़ी से बढ़ रही हैं, जबकि वास्तविकता धीरे-धीरे चल रही है।
और यही वजह है कि आज PW का नाम हर जगह सुनाई दे रहा है। एक शिक्षक की यात्रा, लाखों छात्रों का भरोसा, और एक तेजी से बढ़ती कंपनी के लिस्टिंग का सपना — यह सब मिलकर एक ऐसी लहर बना रहे हैं जो भारतीय बाजार को नए तरीके से प्रभावित करने की क्षमता रखती है। IPO आएगा या नहीं, कब आएगा और प्राइस क्या होगा — यह सब भविष्य में ही पता चलेगा। लेकिन आज PW केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि एक आशा है, और आशाएं हमेशा हलचल पैदा करती








